मंडी समिति का गठन

 मध्यप्रदेश कृषि उपज मण्डी अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा अधिसूचना के माध्यम से मण्डी स्थापित करने का प्रावधान है। प्रत्येक मण्डी में एक मुख्य प्रांगण एवं एक से अधिक उपमण्डी प्रांगण हो सकते हैं। अधिनियम की धारा 11 के अधीन गठित समिति में निम्नानुसार सदस्यगण शामिल किये गये हैं:-
 

1

अध्‍यक्ष

निर्वाचित

2

कृषकों के 10 प्रतिनिधि।

निर्वाचित

3

व्‍यापारियों का एक प्रतिनिधि।

निर्वाचित

4

मण्‍डी क्षेत्र में काम कर रहे तुलावटियों हम्‍मालों का एक प्रतिनिधि।

निर्वाचित

5

राज्‍य विधान सभा एवं लोक सभा के सदस्‍य।

नाम निर्दिष्‍ट

6

मण्‍डी क्षेत्र में कार्यरत सहकारी विपणन सोसायटी का एक प्रतिनिधि।

नाम निर्दिष्‍ट

7

राज्‍य सरकार के किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग का एक अधिकारी।

नाम निर्दिष्‍ट

8

जिला केन्‍द्रीय सहकारी बैंक का एक प्रतिनिधि।

नाम निर्दिष्‍ट

9

जिला भूमि विकास बैंक का एक प्रतिनिधि।

नाम निर्दिष्‍ट

10

मण्‍डी क्षेत्र में आने वाली ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत का एक प्रतिनिधि।

नाम निर्दिष्‍ट

 

 नोट :- निर्वाचित मण्डी समितियों के प्रथम सम्मेलन में निर्वाचित अध्यक्ष, कृषक प्रतिनिधियों, व्यापारी प्रतिनिधि एवं तुलावटी हम्माल प्रतिनिधि द्वारा निर्वाचित
           कृषक प्रतिनिधियों में से ही समिति के उपाध्यक्ष का निर्वाचन किया जाता है। कृषक हित संस्था का कृषकों के द्वारा कृषकों के लिये संचालन का सजीव
           उदाहरण है।